Chapter 8 तत्सत
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मध्य वाच्य (कर्म कर्ता वाच्य) on Hindi Grammar
मध्य वाच्य, जिसे कर्म कर्ता वाच्य भी कहा जाता है, एक प्रकार का वाच्य है जिसमें क्रिया का कर्ता और
क्रिया का प्रयोग होता है, लेकिन इसमें कर्ता
की प्राथमिकता नहीं होती है।
यह वाच्य उस स्थिति को दर्शाता
है जिसमें क्रिया का कर्ता क्रिया का प्राधिकारी होता है, लेकिन उसका उल्लेख किया नहीं जाता। इसमें क्रिया का प्रयोग होता
है, लेकिन कोई विशेष कर्ता नहीं
उल्लेखित होता।
उदाहरण के रूप में:
• "बाज़ार सफ़ेद हुआ।"
• "मुझे काम करना है।"
• "बिल्लियाँ माउंग रही हैं।"
इन वाक्यों में क्रिया होती
है, लेकिन कोई विशेष कर्ता नहीं
है। इसलिए ये मध्य वाच्य के उदाहरण हैं।